उसने उससे कहा, “यदि तू आप न चले, तो हमें यहाँ से आगे न ले जा।
निर्गमन 33:15
[15] उसने उससे कहा, “यदि तू आप न चले, तो हमें यहाँ से आगे न ले जा। Read Full Chapter
1️⃣ निर्गमन 33:15
“यदि तू आप न चले, तो हमें यहाँ से आगे न ले जा।”
यह वचन मूसा की प्रार्थना है। मूसा जानता था कि परमेश्वर की उपस्थिति ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा और आशीष है। बिना परमेश्वर की उपस्थिति के आगे बढ़ना खालीपन और असफलता है।
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🔹 आत्मिक शिक्षा:
किसी भी निर्णय या यात्रा में परमेश्वर की उपस्थिति को प्राथमिकता दें।
हमारी सफलता हमारी सामर्थ्य से नहीं, बल्कि परमेश्वर की उपस्थिति से होती है।
हमें प्रतिदिन यह प्रार्थना करनी चाहिए – “हे प्रभु, यदि तू मेरे साथ नहीं, तो मैं कहीं न जाऊँ।”
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